पंचकूला : पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित सरकारी स्कूल में केजी कक्षा की मासूम बच्ची के साथ हुई बेरहमी से मारपीट के मामले में हरियाणा शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
विभाग ने स्कूल की प्रिंसिपल नीलू को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। हरियाणा सरकार के माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से आज इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं।
प्रिंसिपल नीलू को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-5 के तहत निलंबित किया गया है।
बता दें कि इस मामले में शनिवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूल में तैनात दो JBT शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। निलंबित की गई शिक्षिकाओं की पहचान सिमरनजीत कौर और पूजा रानी के रूप में हुई थी।जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से दोनों शिक्षिकाओं के निलंबन संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान दोनों शिक्षिकाओं का मुख्यालय जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है।
यह था पूरा मामला
पंचकूला के सरकारी स्कूल से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया था। स्कूल परिसर के अंदर ही तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने केजी (KG) कक्षा की एक 'स्पेशल चाइल्ड' मासूम बच्ची पर जानलेवा हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी छात्र ने मासूम बच्ची पर पहले पत्थरों से लगातार हमला किया और फिर भारी गमला उठाकर उसके ऊपर दे मारा।
बच्ची के चाचा फाजिल ने बताया कि जब परिजन बच्ची को तलाशते हुए स्कूल पहुंचे तो तीसरी कक्षा का छात्र उन्हें बच्ची के पास लेकर गया। परिजनों के मुताबिक, आरोपी छात्र बच्ची को उसके पिता के बुलाने का बहाना बनाकर स्कूल की पहली मंजिल पर ले गया था, जहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
परिजनों का कहना है कि बच्ची को पहले पत्थर से मारा गया और इसके बाद गमले से भी हमला किया गया। आरोप है कि बच्ची को काफी देर तक घसीटा भी गया, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल होकर बेसुध अवस्था में पड़ी मिली।
इस पूरे मामले में परिजनों ने स्कूल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों का सवाल है कि यदि समय रहते किसी शिक्षक या स्कूल कर्मचारी ने घटना को देख लिया होता तो शायद मासूम बच्ची को इतनी गंभीर चोटें लगने से बचाया जा सकता था।