देशभर में नववर्ष और आस्था के विभिन्न पर्वों का उल्लास एक साथ देखने को मिल रहा है। गुरुवार को चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चेती चांद, नवरेह और साजिबु चेरोबा जैसे पर्व मनाए जा रहे हैं। इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मु और सीपी राधाकृष्णन ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने बताई सांस्कृतिक विविधता की पहचान
द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि ये सभी पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि ये त्योहार सभी के जीवन में समृद्धि और नई आशाओं का संचार करें।
नववर्ष उत्सवों को बताया एकता का प्रतीक
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में मनाए जाने वाले ये उत्सव नववर्ष के आगमन का स्वागत करते हैं और ‘विविधता में एकता’ की भावना को मजबूत करते हैं।
उपराष्ट्रपति ने दी हार्दिक बधाई
सीपी राधाकृष्णन ने भी नव संवत्सर, चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चेती चांद, नवरेह, साजिबु चेरोबा और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये पर्व नई शुरुआत, नवीनीकरण और वसंत ऋतु के आगमन के प्रतीक हैं।
नई ऊर्जा और आशा का संदेश
उपराष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि ये उत्सव भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं और लोगों के जीवन में नई ऊर्जा, आशा और सकारात्मकता का संचार करते हैं।
पीएम मोदी ने भी दी शुभकामनाएं
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से नवरात्रि और गुड़ी पड़वा सहित विभिन्न पर्वों पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने मां दुर्गा से सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
नववर्ष पर्वों का देशभर में उत्साह
देश के अलग-अलग राज्यों में मनाए जाने वाले ये पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करते हैं। हर क्षेत्र में अलग-अलग परंपराओं के साथ नववर्ष का स्वागत किया जा रहा है, जो भारत की विविधता को दर्शाता है।