पेट्रोलियम मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) को प्राथमिकता दे रही है। मंत्रालय ने कहा कि देश में पेट्रोल और डीज़ल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू PNG कनेक्शन भारत सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और इनकी 100% सप्लाई की जा रही है। इसी तरह, ट्रांसपोर्टेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली CNG भी 100% कंज्यूमर्स को उपलब्ध कराई जा रही है। कई कंपनियों ने कई इंसेंटिव्स की घोषणा की है, जैसे ₹500 तक की फ्री गैस या सिक्योरिटी डिपॉजिट में छूट। राज्य सरकारों को भी लिखा गया है, उन्हें 10% कमर्शियल गैस और एक्स्ट्रा LPG देने का ऑफर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में ही एक ऑर्डर जारी किया गया है, जिसमें रोड रेस्टोरेशन चार्ज माफ कर दिया गया है और 24X7 पाइपलाइन के काम की इजाजत दी गई है। कल भारत सरकार ने PNG कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक और गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसका मुख्य मकसद सभी राज्यों में PNG कनेक्शन के लिए एप्लीकेशन फीस और अप्रूवल टाइमलाइन को आसान बनाना है।
सुजाता शर्मा ने मीडिया को बताया कि पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए कनेक्शन (PNG) दिए गए हैं। इसके अलावा, लगभग 2.20 लाख कंज्यूमर LPG से PNG पर शिफ्ट हुए हैं। इसके अलावा, 2.5 लाख नए एप्लीकेशन या रजिस्ट्रेशन मिले हैं।
उन्होंने कहा, “LPG की बात करें तो किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर कोई कमी नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग अच्छी है। लगभग 26 राज्यों ने अब तक 22,000 टन कमर्शियल LPG अलॉट किया है और यह अलॉटमेंट पूरे देश में है। इस क्वांटिटी में राज्य सरकारों द्वारा एलोकेट किया गया एलोकेट और हमारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा दी गई क्वांटिटी भी शामिल है। इन सभी कोशिशों का नतीजा है कि कल लगभग 30,005 किलोग्राम सिलेंडर बांटे गए।”
सुजाता शर्मा ने आगे कहा कि केरोसिन की बात करें तो भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को एक अल्टरनेटिव फ्यूल ऑप्शन के तौर पर एक्स्ट्रा एलोकेट किया है और लगभग 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एलोकेट ऑर्डर जारी किए गए हैं। फिलहाल, भारत सरकार और राज्य सरकारें दोनों ही ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी को रोकने की कोशिश कर रही हैं और इस मामले में राज्य सरकारों की भूमिका बहुत ज़रूरी है। कल अलग-अलग राज्यों में लगभग 2700 छापे मारे गए और लगभग 2000 सिलेंडर ज़ब्त किए गए।