श्री आनंदपुर साहिब : श्री गुरु तेग बहादुर जी (Sri Guru Tegh Bahadur Ji) के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित पंजाब विधानसभा (Punjab Vidhan Sabha) के विशेष सत्र के दौरान, ग्यासपुरा से विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा (MLA Manwinder Singh Giaspura) ने एक भावुक भाषण दिया। श्री आनंदपुर साहिब (Sri Anandpur Sahib) की पवित्र धरती पर आयोजित इस सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शहादत हमें रूहानियत ताकत देती है।
उन्होंने इस दिन को साधारण दिन न बताते हुए कहा कि आज हम उस 'महान जोत' को नमन करने के लिए इकट्ठे हुए हैं, जिसने सच को अपनी जान से भी ऊंचा माना।
"असहिष्णुता के अंधेरे को रोशनी में बदला"
विधायक ग्यासपुरा ने कहा कि गुरु साहिब ने धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश कुर्बान करके मानवता का दीपक जलाया। उस महान शक्ति ने असहिष्णुता के अंधेरे को मानवता के प्रकाश में बदल दिया। उन्होंने नौवें पातशाह को 'तेग का धनी' बताते हुए कहा कि उनकी कुर्बानी मानव अधिकारों की पहली लड़ाई थी।
"दलित क्रांति थी खालसा की सिरजना"
इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) की भी सराहना की। ग्यासपुरा ने कहा कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि पंजाब सरकार (Punjab Government) यह 350वां शहीदी पर्व महान खालसा की धरती पर मना रही है।
गुरु ग्रंथ साहिब का निचोड़
विधायक ने गुरु साहिब की वाणी का जिक्र करते हुए बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब (Sri Guru Granth Sahib) में गुरु तेग बहादुर जी के 116 शब्द दर्ज हैं। ये सभी शब्द पावन ग्रंथ का निचोड़ हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरु साहिब सिर्फ एक धर्म के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के रक्षक थे।