Monday, October 05, 2026
BREAKING
• जनता दर्शन : सीएम योगी ने कहा- उचित समस्या को लेकर दूसरी बार फरियादी आए तो जवाबदेही तय • पीएम मोदी और स्विस राष्ट्रपति गाय परमेलिन के बीच हैदराबाद हाउस में अहम बैठक • पिछले एक दशक में कला की जगह धीरे-धीरे मनोरंजन लेता जा रहा है : रब्बी शेरगिल • भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने आमिर जांगू को किया टीम में शामिल • अगले चरण के जीएसटी सुधार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' विजन को मिलेगा सपोर्ट : वित्त मंत्री सीतारमण • दिल्ली के रंजीत नगर में एसआईआर को लेकर विशेष कैंप, बीएलओ और अधिकारी कर रहे लोगों की समस्याओं का समाधान • राष्ट्रपति भवन में स्विस राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत, भारत-स्विट्जरलैंड सहयोग को मिलेगा नया आयाम • स्विस राष्ट्रपति गाइ परमेलिन तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया • मोकामा में गंगा पर नया डबल लाइन रेल पुल परिचालन के लिए तैयार, उत्तर-दक्षिण बिहार की कनेक्टिविटी होगी मजबूत • एआई भारत जैसे उभरते देशों के किसानों को सशक्त बनाने का बन सकता है प्रभावी माध्यम : विश्व बैंक प्रमुख

बाज़ार

एक दशक में यूपीआई ट्रांजैक्शन की संख्या में करीब 12,000 गुना उछाल : सरकार

01 मई, 2026 12:28 PM

नई दिल्ली : वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि भारत के प्रमुख डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने पिछले एक दशक में लेनदेन की मात्रा में लगभग 12,000 गुना की असाधारण वृद्धि दर्ज की है।
11 अप्रैल, 2016 को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रेगुलेटरी देखरेख में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा लॉन्च किया गया यूपीआई, भारत के डिजिटल पेमेंट्स इकोसिस्टम की रीढ़ बन गया है।


मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2016-17 में सिर्फ 2 करोड़ ट्रांजैक्शन के मामूली आधार से बढ़कर, इस प्लेटफॉर्म ने वित्त वर्ष 2025-26 में 24,162 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए।
वैल्यू के मामले में भी, यूपीआई का उभार उतना ही शानदार रहा है। ट्रांजैक्शन की वैल्यू, ऑपरेशन के पहले साल में 0.07 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 314 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो 4,000 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी है।
वॉल्यूम और वैल्यू, दोनों में यह दोहरा विस्तार इस बात को दिखाता है कि यह प्लेटफॉर्म न सिर्फ छोटे रिटेल पेमेंट्स के लिए, बल्कि ज्यादा वैल्यू वाले ट्रांजैक्शन के लिए भी कितना ज्यादा जरूरी होता जा रहा है।


सरकारी आकलन के अनुसार, यूपीआई के पैमाने, इंटरऑपरेबिलिटी और भरोसे ने भारत को डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में एक ग्लोबल लीडर के तौर पर स्थापित किया है।
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने यूपीआई को ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम के तौर पर मान्यता दी है, जिससे ग्लोबल फिनटेक परिदृश्य में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।


साल 2025 यूपीआई के विकास के सफर में एक अहम मोड़ साबित हुआ, जब पहली बार मासिक ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 2,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।
अगस्त 2025 में, ट्रांजैक्शन 2,001 करोड़ तक पहुंच गए, और यह रफ्तार पूरे साल जारी रही, जिसका नतीजा दिसंबर में 2,163 करोड़ ट्रांजैक्शन के रिकॉर्ड के रूप में सामने आया।
कुल मिलाकर, यूपीआई ने कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान लगभग 22,000 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए, जिनका औसत लगभग 60 करोड़ ट्रांजैक्शन प्रतिदिन रहा। यह यूजर्स के बीच इसकी गहरी पहुंच और व्यापक भरोसे का एक संकेत है।


संस्थागत भागीदारी में भी काफी विस्तार हुआ है। यूपीआई नेटवर्क पर लाइव बैंकों की संख्या वित्त वर्ष 2016-17 में 44 से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 तक 703 हो गई है, जिसमें पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट बैंक और कोऑपरेटिव बैंक शामिल हैं। इस व्यापक भागीदारी से भौगोलिक पहुंच और गहरी हुई है और प्लेटफॉर्म की सुलभता मजबूत हुई है।


डेटा के रुझान इस्तेमाल के तरीकों में एक साफ अंतर दिखाते हैं। कुल लेन-देन की मात्रा में पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) लेन-देन की हिस्सेदारी 63 प्रतिशत है, जिसकी मुख्य वजह ज्यादा बार होने वाले, कम कीमत वाले खुदरा भुगतान हैं।
खास बात यह है कि इनमें से 86 प्रतिशत लेन-देन 500 रुपए से कम के हैं। दूसरी ओर, पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) लेन-देन का कुल लेन-देन के मूल्य में 71 प्रतिशत योगदान है।
मंत्रालय ने आगे बताया कि पी2पी भुगतानों के भीतर भी, जहां 59 प्रतिशत लेन-देन 500 रुपए से कम के हैं, वहीं एक बड़ी संख्या में 41 प्रतिशत लेन-देन इस सीमा से ज्यादा के हैं।

Have something to say? Post your comment

और बाज़ार खबरें

आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू, ब्याज दरों पर 7 अक्टूबर को होगा ऐलान

आरबीआई एमपीसी की तीन दिवसीय बैठक शुरू, ब्याज दरों पर 7 अक्टूबर को होगा ऐलान

भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, पीएसयू स्टॉक्स में खरीदारी

भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, पीएसयू स्टॉक्स में खरीदारी

सितंबर में एफपीआई ने निकाले 45,536 करोड़ रुपए, बड़ी कंपनियों के शेयरों के वैल्यूएशन हुए आकर्षक

सितंबर में एफपीआई ने निकाले 45,536 करोड़ रुपए, बड़ी कंपनियों के शेयरों के वैल्यूएशन हुए आकर्षक

मार्केट आउटलुक: अगले हफ्ते आरबीआई पॉलिसी, तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया तनाव जैसे अहम कारक तय करेंगे बाजार की दिशा

मार्केट आउटलुक: अगले हफ्ते आरबीआई पॉलिसी, तिमाही नतीजे और पश्चिम एशिया तनाव जैसे अहम कारक तय करेंगे बाजार की दिशा

आरबीआई की एमपीसी बैठक से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार

आरबीआई की एमपीसी बैठक से पहले ब्याज दरों में बढ़ोतरी के आसार

जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

जी7 देश 100 मिलियन बैरल कच्चा तेल और डीजल करेंगे जारी, अगले चार महीनों में होगी आपूर्ति

नोएडा में ‘नो पीयूसी, नो पेट्रोल’ नियम लागू, 113 पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई जांच

नोएडा में ‘नो पीयूसी, नो पेट्रोल’ नियम लागू, 113 पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई जांच

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

अक्टूबर की शुरुआत के साथ बढ़ा महंगाई का असर, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा बोझ

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

ओपनएआई ने एआई एजेंट से जुड़ी घटनाओं को लेकर 100 से अधिक संगठनों को किया अलर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट

आरबीआई अगले हफ्ते होने वाली एमपीसी बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कर सकता है बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट