मुंबई में आयोजित EY Entrepreneur Of The Year Awards के 27वें संस्करण में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और युवा नेतृत्व भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस कार्यक्रम में देशभर के उद्यमी, उद्योग जगत के प्रमुख और स्टार्टअप संस्थापक शामिल हुए।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा का सबसे बड़ा आधार उसकी युवा आबादी और मानव संसाधन है। उन्होंने कहा कि नवाचार, जुनून और कुशल कार्यबल भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं, जो देश को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे ले जा रहे हैं।
हाल ही में नई दिल्ली में हुए एआई समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस आयोजन को मिली वैश्विक प्रतिक्रिया से भारत की तकनीकी क्षमता और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती स्पष्ट होती है।
एआई और रोजगार को लेकर उठने वाली चिंताओं पर उन्होंने कहा कि एआई नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि उन्हें बदलकर नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने बताया कि भारत हर साल लगभग 23 लाख STEM स्नातक तैयार करता है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने Y2K दौर का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे उस समय तकनीक ने नए अवसर पैदा किए थे, वैसे ही एआई भी उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार, मजबूत निर्यात और वैश्विक स्तर पर बेहतर एकीकरण का रास्ता खोलेगा। साथ ही साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और सिस्टम गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ेगी।
पीयूष गोयल ने भारत के बढ़ते वैश्विक व्यापार नेटवर्क पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक 9 मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, जो 38 देशों को कवर करते हैं। इससे भारतीय व्यवसायों को वैश्विक बाजारों में बेहतर पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब दुनिया से अलग होना नहीं है, बल्कि मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन बनाते हुए वैश्विक स्तर पर जुड़ना है। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे वैश्विक अवसरों को एमएसएमई, किसानों और छोटे उद्यमियों तक भी पहुंचाएं।
अंत में मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत के युवा और उद्यमी अमृत काल में देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।