कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने जुलाई 2025 में 21.04 लाख नए सदस्यों को जोड़ा है। ताजा अस्थायी पेरोल आंकड़ों के मुताबिक यह जुलाई 2024 की तुलना में 5.55% की सालाना वृद्धि है, जो रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। इसमें सबसे बड़ी भागीदारी युवाओं की रही। कुल नए पंजीकरणों में से 61.06% यानी 5.98 लाख पहली बार जुड़ने वाले सदस्य 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग से थे। इस श्रेणी में शुद्ध वृद्धि 9.13 लाख रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.09% अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि संगठित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले अधिकांश नए कर्मचारी युवा हैं।
जुलाई 2025 में 16.43 लाख ऐसे लोग भी वापस जुड़े जिन्होंने पहले सदस्यता छोड़ दी थी। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 12.12% अधिक है। इन लोगों ने अपने फंड निकालने के बजाय ट्रांसफर करना पसंद किया, जिससे उनकी सामाजिक सुरक्षा बनी रही। वहीं, महिला कर्मचारियों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौरान 2.80 लाख नई महिला सदस्य जुड़ीं और कुल मिलाकर शुद्ध वृद्धि 4.42 लाख रही, जो साल-दर-साल 0.17% की वृद्धि को दर्शाती है। यह आंकड़ा कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की ओर इशारा करता है।
राज्यवार आंकड़ों में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा और उसने कुल शुद्ध वृद्धि में 20.47% का योगदान दिया। इसके अलावा कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश ने मिलकर 60% से अधिक योगदान दिया। उद्योगवार वृद्धि की बात करें तो आयरन ओरे माइनिंग, यूनिवर्सिटीज, बीड़ी निर्माण, गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग, अस्पताल, ट्रेडिंग प्रतिष्ठान, ट्रैवल एजेंसियां और स्टोन क्वारियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, “एक्सपर्ट सर्विसेज” जैसे मैनपावर सप्लायर और कॉन्ट्रैक्टर्स ने कुल शुद्ध वृद्धि में सबसे अधिक 40.21% योगदान दिया।
ईपीएफओ ने कहा कि ये आंकड़े अस्थायी हैं और हर महीने अपडेट होते हैं क्योंकि प्रतिष्ठान इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ECRs) दाखिल करते हैं या रिकॉर्ड अपडेट करते हैं। अप्रैल 2018 से ईपीएफओ पेरोल डेटा प्रकाशित कर रहा है, जिसमें सितंबर 2017 से अब तक के आंकड़े शामिल हैं। इसमें आधार-वेरिफाइड नए यूएएन एनरोलमेंट, निकासी और पुनः जुड़ने वाले सदस्यों का पूरा ब्योरा दिया जाता है।